|| आकाश के उस पार ||
~Shrouded Emotions~
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1 Sept 2012
बस यूँ ही-५
नहीं तुमसे कोई शिकवा ; नहीं कोई शियाकत है ,
ज़रा सुन लो मेरी धडकन ; मेरी इतनी सी चाहत है ,
चाहे दूर रहना तुम ; मगर हंसतीं यूँ ही रहना ,
भले ही भूल जाना कि मुझे तुमसे मुहोब्बत है
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बस यूँ ही-४
दो और दो का योग हमेशा चार नहीं होता ,
सोच-समझ वालों को कुछ नादानी दे मौला ,
फिर मूरत से निकलकर दुनिया में बिखर जा ;
फिर मंदिर को कोई मीरा दीवानी दे मौला
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31 Aug 2012
बस यूँ ही-२
मेरे तनहा से साये से उदासी साफ़ दिखती है ,
यहाँ मुस्कान चेहरे की सरे बाजार बिकती है ,
मेरे मौला तेरी दुनिया में तो महफूज है नफरत ,
मुहोब्बत आह भरती है , तडपती है सिसकती है
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बस यूँ ही-१
बेचैनियों को थोडा सा आराम देकर चला गया ,
प्यार से वो प्यार का पैगाम देकर चला गया,
सोता था कभी मैं अपनी तन्हाइयों से लिपटकर ,
तन्हाइयों को आज अपना नाम देकर चला गया
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27 Aug 2012
आकाश के उस पार
“आकाश” के उस पार ,
Photo © Sahil Ahuja (
http://pixels-memories.blogspot.in/
)
कुछ छिपा हुआ सा है शायद ,
चलो घूमकर आते हैं ,
खिलती मुस्कानों के पीछे ,
कुछ दबा हुआ सा है शायद ,
चलो देखकर आते हैं ,
गहरा घुप्प अँधेरा है ,
पर एक किरण झिलमिल सी है ,
उसे उठाकर लाते हैं ,
नफरत तो काफी देख चुके ,
कुछ प्यार बचा है थैली में ,
आओ उसको फैलाते हैं ,
बादलों की ओट में ,
कोई रूठकर बैठा है शायद ,
जाकर उसे मनाते हैं ,
“आकाश” के उस पार ,
चलो घूमकर आते हैं ||
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