|| आकाश के उस पार ||
~Shrouded Emotions~
31 Aug 2012
बस यूँ ही-३
जो तुझको भी भुला दे वो ; दिखा कुछ रहमतें ऐसी ,
जो तुझसे भी निराली हो ; दिखा कुछ जन्नतें ऐसी ,
ना जाने लोग कैसे देख लेते रब को बन्दों में ;
मुझे तू जिनमे दिख जाये ; दिखा कुछ सूरतें ऐसी
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बस यूँ ही-२
मेरे तनहा से साये से उदासी साफ़ दिखती है ,
यहाँ मुस्कान चेहरे की सरे बाजार बिकती है ,
मेरे मौला तेरी दुनिया में तो महफूज है नफरत ,
मुहोब्बत आह भरती है , तडपती है सिसकती है
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बस यूँ ही-१
बेचैनियों को थोडा सा आराम देकर चला गया ,
प्यार से वो प्यार का पैगाम देकर चला गया,
सोता था कभी मैं अपनी तन्हाइयों से लिपटकर ,
तन्हाइयों को आज अपना नाम देकर चला गया
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