अपनी आदत में कहीं मेरा भी अक्स पाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ,
आईना गौर से देखोगे , समझ जाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
भले कितना बदल लो तुम , मुझे भुलाने के लिए ,
अपनी परछाई में मेरा भी रंग पाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
तुम्हे क्यूँ लोग मेरे नाम से बुलाते हैं ,
पूछोगे किसी से , समझ जाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
मेरी गली में न आना बिना ओढ़े नकाब ,
मेरी तरह तुम भी बदनाम किये जाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
मेरी मौत पर भी लोग नहीं रोयेगे ,
मेरी जगह बस तुम बैठा दिए जाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
मुझको जन्नत में नहीं जाना , मगर डरता हूँ
मेरी वजह से तुम दोजख में चले जाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
आईना गौर से देखोगे , समझ जाओगे ,
तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो ||
.
@!</\$}{
.